लखनऊ, जनवरी 21 -- रिमांड का पहला दिन लखनऊ, विशेष संवाददाता झांसी में रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ी गई सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी बुधवार को सीबीआई अफसरों के हर सवाल पर खुद को निर्दोष बताती रहीं। उनसे आठ घंटे तक पूछताछ की गई। व्यापारियों की शिकायत को उन्होंने अपने खिलाफ साजिश बताया। सीबीआई ने शाम को उन्हें जेल भेज दिया। अन्य दोनों आरोपियों अनिल तिवारी व अजय शर्मा से कुछ देर ही पूछताछ की गई। प्रभा की एक दिन और अन्य दोनों अफसरों की तीन दिन रिमांड स्वीकृत हुई थी। सीबीआई ने झांसी में जीएसटी विभाग के अंदर फैले रिश्वत गिरोह का पूरा नेटवर्क पता करने के लिए इन तीनों की रिमांड मांगी थी। कोर्ट में अर्जी दी थी कि पकड़े गए अफसरों के संपर्क में कई और कर्मचारी थे, जो पूरा ताना-बाना बुनते थे। इन लोगों से ही व्यापारी को फोन कराकर डराया जाता था...