प्रयागराज, दिसम्बर 12 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एनआईए के डीएसपी मोहम्मद तंजील और उनकी बीवी पत्नी फरजाना की हत्या के मामले में खंडित फैसला सुनाया है। ट्रायल कोर्ट ने घटना के आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ अपील दाखिल की गई। फांसी की सजा का रेफरेंस भी हाईकोर्ट भेजा गया। दोनों पर एकसाथ सुनवाई हुई। दो न्यायाधीशों खंडपीठ में न्यायमूर्ति हरवीर सिंह ने मुख्य दोषी रैयान की दोषसिद्धि को बरकरार रखा और मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदल दिया। वहीं दूसरे न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता ने अभियुक्त को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। ऐसे में अब अंतिम निर्णय के लिए मामले को मुख्य न्यायाधीश को उचित बेंच नामित करने के लिए भेज दिया गया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता एवं न्यायमूर्ति हरवीर सिंह की खंडपीठ ने दिया है। बिजनौर के स्योहारा थाने में मरहू...