अलीगढ़, दिसम्बर 9 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। मिडडे मील, कुछ किताबें और यूनिफार्म में नाम पर चलने वाले परिषदीय विद्यालयों की सूरत में बड़ा बदला आया है। कभी जमीन पर बैठकर पहाड़े पढ़ने वाले छात्र एआई युक्त कंप्यूटर चला रहे हैं। कभी किताबों से रट्टा मारने वाले छात्र अब स्मार्ट क्लास से पढ़ाई कर रहे हैं। यूं कहें वर्ष 2019 के बाद परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव आया है। कोविड आया तो सबसे पहले सवाल यही उठा कि परिषदीय विद्यालयों के बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे। निजी विद्यालयों की तुलना में इन विद्यालयों के बच्चों के पास अच्छे स्मार्ट फोन तक नहीं उपलब्ध थे। फिर कैसे ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाए। यह विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ था। पर अच्छी पहल के लिए एक प्रयास ही काफी है। यह प्रयास वर्ष 2019 में डिजिटल शिक्षा की शुरुआत की गई। ...
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