नई दिल्ली, फरवरी 10 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को डिजिटल युग में जांचकर्ता को होने वाली व्यावहारिक परेशानियों को रेखांकित करते ञकहा कि 'यदि तलाशी और जब्ती से पहले पहले नोटिस देने से जांच शुरू होने से पहले ही प्रभावी रूप खत्म हो सकता है।' शीर्ष अदालत ने आयकर अधिनियम 2025 की धारा 132 के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की है। याचिका में कहा गया है कि धारा 132 के तहत तलाशी और जब्ती की शक्तियों का आयकर अधिकारी दुरुपयोग कर सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और एनवी अंजारिया की पीठ ने यह भी कहा कि 'आयकर कानून के तहत आयकर अधिकारियों की कानूनी शक्तियां न तो अनियंत्रित थीं और न ही बेलगाम।' पीठ ने याचिकाकर्ता विश्वप्रसाद अल्वा की ओर ...