बरेली, जनवरी 21 -- बरेली। छात्रों को डिजिटल पहचान देने में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रदेश में अव्वल हैं। ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाने में विश्वविद्यालय प्रदेश में पहले स्थान पर है। स्थिति यह है कि अभी तक विवि में आठ लाख से अधिक छात्रों की अपार आईडी बन चुकी है। डीजी लॉकर और नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (नैड) के डाटा में यह स्थिति सामने आई है। उत्तर प्रदेश में नई शिक्षा नीति (एनईपी) और समर्थ के पूरी तरह से लागू होने के बाद छात्रों की एबीसी, अपार आईडी बनाना जरूरी है। क्योंकि इसके माध्यम से ही समर्थ पर छात्रों के प्रवेश से लेकर परिणाम तक का डेटा नैड से फैच होगा। प्रदेश में अपार आईडी बनाने की दौड़ में एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने प्रदेश में बाजी मारी है। डीजी लॉकर-नैड के आंकड़ों के अनुसार विश्वविद्यालय ने अ...