गुमला, जनवरी 12 -- चैनपुर प्रखंड मुख्यालय से महज 35 किमी दूर जंगलों में बसा राजा डेरा गांव डिजिटल विकास से कोसों दूर खड़ा है। यह गांव उस सवाल का आईना है,जो बताता है कि शहरों में चमकता विकास सुदूरवर्ती इलाकों की पगडंडियों पर आते-आते दम तोड़ देता है। आज के दौर में मोबाइल को दुनिया मुट्ठी में करने का साधन माना जाता है, लेकिन राजा डेरा के ग्रामीणों के लिए यह महज महंगा खिलौना है। यहां टूजी नेटवर्क भी स्थिर नहीं है। किसी को अपने परदेस गए बेटे या रिश्तेदार से बात करनी हो तो उसे ऊंची पहाड़ी पर जाकर नेटवर्क खोजने की मजबूरी होती है। यह स्थिति ग्रामीणों के डिजिटल क्रांति के दावों की हकीकत उजागर करती है। गांव में बीएसएनएल का टावर सीना ताने खड़ा है,लेकिन चालू नहीं। बिजली के खंभे लगा दिए गए हैं, लेकिन उनमें करंट नहीं दौड़ रहा। इसके कारण मोबाइल चार्ज कर...
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