नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को डिजिटल गिरफ्तारी करके ठगी के मामले में दुर्लभ कदम उठाते हुए आरोपी को जेल से रिहा करने पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत की 72 साल की महिला वकील से डिजिटल गिरफ्तारी‌ करके 3.29 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में यह आदेश दिया है। जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि इस मामले में 'असाधारण आदेश' जरूरी है। पीठ ने कहा कि 'हमें इन मामलों से सख्ती से निपटना होगा ताकि समाज में सही संदेश जाए। साथ ही कहा कि एक असामान्य घटना के लिए असामान्य हस्तक्षेप की जरूरत होती है।' डिजिटल गिरफ्तारी साइबर अपराध का एक बढ़ता हुआ रूप है जिसमें धोखेबाज ऑडियो और वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों को धमकाने के लिए कानून प्रवर्तन या अदालत के अधिकारी या सरकारी एजेंसियों के कर्मचारी बनकर पे...