रिषिकेष, नवम्बर 14 -- विश्व मधुमेह दिवस पर हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एचआईएमएस) जौलीग्रांट में डायबिटीज के निराकरण को विशेषज्ञों ने मंथन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य मधुमेह प्रबंधन में ग्लाइसेमिक कंट्रोल से आगे बढ़कर समग्र स्वास्थ्य दृष्टिकोण को बढ़ावा देना था। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जौलीग्रांट के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर की सीएमई का आयोजन किया गया। सीएमई को संबोधित करते हुए डॉ. रेनू धस्माना ने कहा कि मधुमेह केवल एक चिकित्सा चुनौती नहीं बल्कि जीवनशैली से जुड़ी एक व्यापक समस्या है, जिसके लिए बहु-विषयी एवं समग्र दृष्टिकोण आवश्यक है। उन्होंने योग, संतुलित आहार और नियमित व्यायाम जैसे उपायों को दैनिक जीवन में शामिल करने पर बल दिया। एसोसिएशन ऑफ फिजियोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया के महासचिव प्रो जीके पाल...