गोरखपुर, नवम्बर 28 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। मां की डायबिटिक (मधुमेह) कीटोएसिडोसिस (डीकेए) बीमारी ने गर्भ में ही बच्चे की जान ले ली। मां की भी जिंदगी खतरे में थी, लेकिन एम्स के डॉक्टरों ने सामान्य प्रसव कराकर मां को नई जिंदगी दी। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भर्ती महिला की हालत अब खतरे से बाहर है। एम्स की मीडिया सेल की चेयरपर्सन व स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. आराधना सिंह ने बताया कि एक गर्भवती इमरजेंसी में इलाज के लिए आई थी। जांच में पता चला कि गर्भ में शिशु की मौत हो चुकी है। वजह से जानने के लिए की गई जांच में पता चला कि महिला का शुगर लेवल 500 के पार था। उसे डायबिटिक कीटोएसिडोसिस की गंभीर समस्या थी। इसकी वजह से मां के अंदर इंसुलिन की अधिक कमी हो गई थी और कीटोन्स नामक हानिकारक एसिड जमा हो गया था, जो शिशु की मौत का कारण बन...