बलिया, फरवरी 15 -- बलिया, हिन्दुस्तान टीम। महाशिवरात्रि पर रविवार को भगवान शंकर और मां पार्वती के दिव्य मिलन (विवाह) के उपलक्ष्य में जनपद के अलग-अलग हिस्सों में अड़भंगी की विचित्र बरात निकली। विविद्य वाद्ययंत्रों के साथ ही त्रिनेत्रधारी के प्रसिद्ध वाद्य डमरू के तान पर भूत-पिशाच के रूप में सजे बरातियों के थिरकन ने शास्त्र और पुराणों में वर्णित महादेव और पार्वती के विवाह की गाथा को जीवंत बना दिया। बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से संपूर्ण वातावरण शिवमय हो उठा। शहर के ऐतहासिक बालेश्वरनाथ मंदिर पर शाम चार बजे के आस-पास मंदिर के बाहर श्रद्धालु महिलाओं ने मंगल गीतों के बीच भगवान शंकर का परिछावन किया। इसके बाद जब महादेव अपनी बरात लेकर शहर में निकले तो सड़क पर भक्तों का सैलाब सड़क पर उमड़ पड़ा। एक दर्जन से अधिक अलग-अलग तरह के बैंड बाजा, ढोल-ताश...