महाराजगंज, नवम्बर 10 -- ठूठीबारी, हिन्दुस्तान संवाद। साधन सहकारी समिति ठूठीबारी पर पिछले दो वर्षों से धान क्रय केंद्र संचालित न होने से क्षेत्र के किसानों में गहरी नाराजगी है। सरकारी खरीद ठप पड़ने के कारण किसानों को अपनी उपज बिचौलियों को औने-पौने दामों में बेचनी पड़ रही है। धान का भाव सरकारी समर्थन मूल्य से 300-400 प्रति कुंतल तक कम मिलने से किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, जबकि बिचौलिये सस्ते दाम पर धान खरीदकर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। ठूठीबारी समिति पर भरवलिया, नौनिया, तुर्कहिया, चटिया, लोहरौली, रामनगर और किशुनपुर जैसे गांवों के किसान अपनी उपज बेचने आते रहे हैं। किसानों ने बताया कि पहले समिति पर तौल और भुगतान दोनों पारदर्शी तरीके से होते थे, जिससे उन्हें संतोषजनक मूल्य मिलता था। लेकिन अब समिति पर खरीद केंद्र न खुलने से वे मजबूरन स्थानीय...