नई दिल्ली, फरवरी 6 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। आरबीआई ने डिजिटल धोखाधड़ी के शिकार हुए लोगों को राहत देने के लिए विशेष प्रावधान के रूप में अधिकतम 25 हजार रुपये तक का मुआवजा देने का प्रस्ताव रखा है। छोटे स्तर की धोखाधड़ी वाले मामलों को इसके दायरे में रखा जाएगा। इससे ग्राहकों को काफी राहत मिलने की संभावना है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि बिना कोई सवाल पूछे ऐसे मामलों में ग्राहकों को 85 प्रतिशत राशि (अधिकतम 25 हजार रुपये) वापस की जाएगी। धोखाधड़ी की राशि में से 15 प्रतिशत का नुकसान ग्राहक को उठाना होगा और 15 प्रतिशत का नुकसान संबंधित बैंक द्वारा उठाया जाएगा। शेष 70 प्रतिशत राशि आरबीआई देगा। यह राशि 85,000 करोड़ रुपये के जमाकर्ता शिक्षा एवं जागरूकता कोष से ग्राहकों को दी जाएगी। हालांकि किसी भी स्थिति में ग्राहक को 25,000 रुपये से अ...