कौशाम्बी, दिसम्बर 7 -- रविवार की सुबह से चली ठंड हवाओं के चलते ठिठुरन बढ़ गई। सुबह जगते ही लोगों ने पहले अलाव का सहारा लिया इसके बाद धूप निकलने पर जरूरी काम करना शुरू किया। दोपहर दो बजे के बाद भी हाल रहा। ऐसे में राह चलने वाले लोग जगह-जगह अलाव की तलाश करते नजर आए। रविवार की सुबह से मौसम का मिजाज बदला नजर आए। नींद से जागने के बाद जैसे ही लोग घरों से बाहर निकले तो ठंड हवाओं ने उनके बदन को कंपा दिया। दस बजे से एक बजे तक धूप होने पर लोगों को थोड़ा राहत मिली। इसके बाद आसमान में छाए बादल रह-रहकर भगवान भाष्कर को ढक लेते थे। इससे सूर्य की किरणें पृथ्वी पर नहीं पड़ने से ठंड और बढ़ गई। शाम पांच बजे लोग घरों के सामने अलाव जलाकर बैठे नजर आये तो सफर करने वाले लोग पूरे बदन को ढककर चलते दिखे। यूं कहें कि रविवार से ठंड का प्रकोप धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। आने वा...