औरंगाबाद, जनवरी 11 -- जिले में न्यूनतम तापमान गिरकर 6-7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे कड़ाके की ठंड का असर आम जनजीवन के साथ शिक्षा व्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन के आदेश पर जहां वर्ग पांच तक की शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित कर दी गई थी, वहीं वर्ग छह और उससे ऊपर की कक्षाओं की समय-सारिणी बढ़ा दी गई थी, लेकिन इस व्यवस्था में शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षिकाओं की स्थिति को लेकर गंभीर अनदेखी सामने आई है। आदेश के अनुसार छात्र आएं या न आएं, शिक्षकों का विद्यालय पहुंचना अनिवार्य किया गया था और यह मान लिया गया था कि शिक्षक वयस्क हैं, इसलिए उन्हें ठंड से कोई विशेष परेशानी नहीं होगी, जबकि जमीनी सच्चाई इससे अलग है। जिले के कई विद्यालयों में बड़ी संख्या में महिला शिक्षिकाएं कार्यरत हैं, जिनमें अनेक के दु...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.