बस्ती, दिसम्बर 24 -- बस्ती, निज संवाददाता। जिले में आलू की फसल को कैश क्राप के तौर पर माना जाता है। माझा से लेकर जिले के मध्य भाग व दक्षिणी हिस्से में आलू की बड़े पैमाने पर खेती होती है। इस समय तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है। यदि समय रहते किसानों ने बचाव का उपाय नहीं किया तो फसल को पाला मार देगा और उत्पादन कम हो जाएगा। कृषि वैज्ञानिकों ने इससे बचाव के उपाय को सुझाया है। कप्तानगंज क्षेत्र के किसान कमलेश चौधरी ने बताया कि इस बार आलू की फसल अच्छी है। अगर पाला‌ पड़ा तो सब्जी की फसल खराब हो जाएगी और आलू की ग्रोथ रूक जाएगी। सोनहा मुड़िला निवासी किसान रामविलास चौधरी ने बताया कि कई दिनों से शीतलहर का प्रकोप जारी है। परंतु अभी तक आलू की फसल प्रभावित नहीं हुई है। यदि आगे भी शीतलहर व कोहरे का कहर जारी रहा तो आलू के पौध की पत्तियां झुलस जाएंगी और...