गंगापार, जनवरी 19 -- मेजा, हिन्दुस्तान संवाद। आकाश में बादलों की आवाजाही देख वन क्षेत्र के आसपास रहने वाले आदिवासी समाज व अन्य गरीब तबके के लोग जंगली लकड़ियों का गठ्ठर इकठ्ठा करने में जुट गए हैं। कुछ इसी तरह का हाल कोहड़ार, भैंया के भोजपुरवा, सिलौधी के नई गढ़ी, सलैया खुर्द, सलैया कला गांव के आसपास जंगली इलाके में देखा जा सकता है। जहां की महिलाएं, पुरुष व बच्चे सुबह जंगली इलाके में पहुंच छियूल, शीशम सहित अन्य जंगली लकड़ियां को काटने में जुट जाते हैं, दोपहर बारह बजे तक कई गठ्ठर लकड़ी का इंतजाम कर लेते हैं। सर्वेक्षण के तौर पर देखा जाए तो वन क्षेत्र में जहां एक दशक पहले घना जंगल हुआ करता था, अब छोटे पेड़ पौधे नहीं रह गए हैं। हालांकि वन विभाग के कर्मचारी पठारी के खाली जगह में नए प्रकार के पेड़-पौधे लगवाने में जुटा है।

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