गिरडीह, दिसम्बर 14 -- बगोदर। ठंड के दिनों में गुनगुना आदि गर्म पानी से नहाने का सभी को मन करता है। लकड़ी या कोयला के चूल्हा के अलावा रसोई गैस एवं इलेक्ट्रिक संचालित उपकरणों से पानी गर्म किया जाता है, मगर एक ऐसा झरना/जलधारा है जहां खुद हीं गर्म पानी निकलता है। यानी प्रकृति का यह उपहार है। झरना से गर्म पानी निकलने का टाइमिंग भी होता है। अहले सुबह से दिन के साढ़े 9 दस के बीच तक गर्म पानी निकलता है। इसके बाद फिर सामान्य पानी निकलना शुरु हो जाता है। अभी ठंड का मौसम चल रहा है। ऐसे में गर्म पानी से नहाने के शौकीनों की भीड़ उमड़ती है और वे गर्म पानी से नहाने यहां आते हैं। भीषण गर्मी में बड़ी-बड़ी नदियां और तालाब सूख जाता है। डैम का जलस्तर भी घट जाता है लेकिन बरमसिया झरना/जलधारा कभी नहीं सूखता है। उक्त जलधारा से सालोंभर पानी निकलता रहता है। गर्मी ...