कटिहार, जनवरी 16 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि कटिहार जिले में रबी सीजन की फसलें खेतों में लहलहाने लगी हैं, लेकिन इस हरियाली के पीछे किसानों की चिंता भी कम नहीं है। गेहूं, मक्का, चना, मसूर, सरसों और आलू जैसी रबी फसलें इस समय निर्णायक दौर में हैं। मौसम की अनिश्चितता, सिंचाई की समस्या और बढ़ती लागत ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। जिन किसानों ने खरीफ के नुकसान के बाद रबी से उम्मीदें बांधी थीं, वे अब हर दिन खेतों की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। जिले के कई इलाकों में नहरों में समय पर पानी नहीं पहुंचने से गेहूं और चना की फसल प्रभावित हुई है। निजी बोरिंग पर निर्भर किसानों के लिए डीजल और बिजली की बढ़ती कीमतें अतिरिक्त बोझ बन गई हैं। वहीं ठंड के बाद अचानक तापमान में उतार-चढ़ाव से फसलों में रोग लगने की आशंका भी बढ़ गई है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए यह...
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