कुशीनगर, जनवरी 12 -- राकेश कुमार गौंड़ पडरौना। अब वह दिन ज्यादा दूर नहीं, जब नए चालकों को फोर व्हीलर की स्टीयरिंग पकड़ने से पहले ट्रेनिंग और टेस्टिंग से गुजरना होगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। जिले में दो जगह ड्राइविंग टेस्टिंग सेंटर बनाए जाएंगे, जिनकी स्वीकृति शासन ने दे दी है। प्रत्येक पर डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस सेंटर में ट्रेनिंग के लिए क्लॉस रूम, लैब और ट्रैक तक की सुविधा होगी। ताकि वाहन चलाने में एक्सपर्ट हो जाने के बाद ही चालक स्टीयरिंग संभाल सकें। यही नियम दो पहिया वाहनों पर भी लागू होगा। ऐसा माना जाता है कि दुनिया भर में सर्वाधिक मौतें सड़क हादसों में होती हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह ट्रैफिक रूल का पालन न करना, बिना प्रशिक्षण लिए फोर व्हीलर या टू व्हीलर सड़कों पर दौड़ाना, ओवरस्पीड, ड्रंक ड्राइविंग और ओवरलोड बताई जाती है। ...
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