भागलपुर, सितम्बर 21 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। नगर निगम में कुछ साल पूर्व हुए चर्चित ट्रेड लाइसेंस घोटाला का मामला एक बार फिर से ठंडे बस्ते में चला गया। इसको लेकर न तो निगम के पदाधिकारी अग्रतर कार्रवाई कर रहे हैं और न ही जिला प्रशासन की ओर से निर्देश दिया जा रहा है। ऐसे में 50 लाख रुपये से भी अधिक की राशि के इस घोटाले के आरोपित आराम से नगर निगम में ही घूम रहे हैं या फिर किसी शाखा के प्रभारी बने बैठे हैं। नगर आयुक्त शुभम कुमार द्वारा पदभार ग्रहण किए जाने के बाद 8 जुलाई को हुई सशक्त स्थायी समिति की बैठक में उन्होंने ताबड़तोड़ फैसले लिए थे। उस बैठक में ट्रेड लाइसेंस घोटाला की चर्चा जोरशोर से उठी थी। सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों ने सवाल उठाया था कि नगर निगम में ट्रेड लाइसेंस घोटाला देश का पहला ऐसा घोटाला है जिसमें आरोपितों को जेल भेजना या स...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.