नई दिल्ली।, फरवरी 4 -- भारत की विदेश व्यापार नीति में पिछले एक साल के भीतर एक क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़े मुक्त व्यापार समझौते (FTA) अब न केवल धरातल पर उतर रहे हैं, बल्कि वैश्विक भू-राजनीति के समीकरणों को भी बदल रहे हैं। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ (EU) के साथ वर्षों से जारी बातचीत को हाल ही में नई गति मिली। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों की नींव काफी मजबूत है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। हालांकि, हाल के समय में व्यापार से इतर कुछ मुद्दों जैसे रूस से कच्चे तेल की खरीद पर अमेरिकी दबाव और 'ऑपरेशन सिंदूर' से जुड़े दावों के कारण रिश्तों में कुछ तल्खी ...