रांची, अगस्त 13 -- रांची, विशेष संवाददाता। ट्रांसमिशन लाइन का टेंडर बिना अनुमति के दूसरी कंपनी को देने के मामले में हाईकोर्ट ने झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने बुधवार को समीर खलखो की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी। प्रार्थी की ओर से अदालत को बताया गया कि वर्ष 2018 में झारखंड ऊर्जा संचरण निगम लिमिटेड ने गोड्डा, पाकुड़ और चांडिल में ट्रांसमिशन के लिए 250 करोड़ का टेंडर निकाला था। टेंडर के बाद कार्यादेश विप्रो कंपनी को दिया गया था। विप्रो कंपनी ने बिना कार्य किए हुए बिना किसी अनुमति के बिना पेपर बनाए मौखिक रूप से अन्य कंपनी को यह काम दे दिया। इसके खिलाफ प्रार्थी ने याचिका दायर की है।
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