नई दिल्ली, अक्टूबर 22 -- अमेरिका की सबसे बड़ी निजी नियोक्ता कंपनी वॉलमार्ट ने हाल ही में यह घोषणा की कि वह अब H‑1B वीजा की आवश्यकता वाले उम्मीदवारों को फिलहाल नौकरी के ऑफर नहीं देगी। यह निर्णय ट्रंप प्रशासन द्वारा नई नीति लागू करने के बाद आया है, जिसमें कंपनियों को प्रत्येक नए H‑1B वीजा आवेदन पर 100,000 डॉलर (लगभग Rs.87 लाख) की फीस देनी होगी।नई नीति का असर यह बदलाव वॉलमार्ट की कॉर्पोरेट (कार्यालय) टीम पर सबसे अधिक प्रभाव डाल रहा है। पहले वॉलमार्ट हर साल बड़ी संख्या में विदेशी कुशल पेशेवरों की भर्ती करता था, जिनमें भारत और चीन से आने वाले तकनीकी कर्मियों की संख्या अधिक होती थी, लेकिन अब इतनी भारी फीस देने से इसकी भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।ट्रंप प्रशासन की दलील राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि यह कदम उस "दुरुपयोग" को रोकने के...
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