नई दिल्ली, जून 9 -- नई दिल्ली, कार्यालय संवाददाता। पिछले सप्ताह जारी सरकारी नोटिस में टेलीकॉम उपकरण स्थानीय रूप से खरीदने की नीति में उलटफेर का संकेत दिया गया है। इस नोटिस के चलते स्थानीय निर्माताओं को नोकिया और एरिक्सन जैसी बड़ी कंपनियों के सामने अपना आधार खोने की चिंता सताने लगी है। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे जासूसी का खतरा बढ़ेगा और भारत का आत्मनिर्भरता का एजेंडा कमजोर होगा। वर्तमान नियमों के तहत, टेलीकॉम उपकरण निर्माताओं को पसंदीदा बोलीदाता श्रेणी में आने के लिए अपनी कुल सामग्री का 50-60% स्थानीय रूप से खरीदना होता है। हालांकि, तीन जून के नोटिस में, दूरसंचार विभाग ने कहा कि भारत में इलेक्ट्रॉनिक और दूरसंचार उत्पादों को 50-60% स्थानीय रूप से हासिल करने में कई चुनौतियां हैं। दूरसंचार विभाग ने कहा कि इस बाधा को पहचानते हुए, स्थानीय सामग...
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