चतरा, मार्च 30 -- टंडवा निज प्रतिनिधि पिछले एक दशक में लगभग 130 मिलियन टन देश को कोयला आपूत्र्ति करने वाली सीसीएल के कामधेनू आम्रपाली कोल परियोजना के विस्तारीकरण पर संकट के बादल मंडराने रहे है। इसके पीछे तो फिलहाल दो कारण है इसमें सबसे बड़ा कारण 431 हेक्टेयर फॉरेस्ट लैंड का दिल्ली दरबार से स्टेज टू का अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलना और दूसरा नया कोल उत्पादन का टेंडर प्रक्रिया हाईकोर्ट पहूंचना। जिसकी चर्चा सीसीएल के दरभंगा हाउस से लेकर कोल इंडिया में भी हो रही है। सबसे चौकाने वाली बातें यह है कि जो कंपनी अभी कोयला खनन कर रही है उसका टेंडर 22 अप्रैल तक खत्म हो जा रहा है। इस प्रोजेक्ट के पीओ मो अकरम का कहना है कि इस संकट से निकलने का हर संभव सीसीएल प्रयास कर रही है। जानकारी के अनुसार हर साल लगभग दो हजार करोड़ शुद्व मुनाफा देनी वाली आम्रपाली के सम...
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