अररिया, जनवरी 11 -- अररिया, निज संवाददाता खिलौनों से खेलने की उम्र में उसी को जोड़ने में काम आने वाला केमिकल बच्चों और किशोरों की जिंदगी तबाह कर रही है। इस सस्ते और घातक नशे की गिरफ्त में अधिकतर कूड़ा चुनने वाले व झोपड़ी में रहने वाले बच्चे हैं। स्थिति इस कदर भयावह हो चली है कि इस वर्ग के बच्चे हर टोले, मोहल्ले व चौक,चौराहे पर रूमाल या प्लास्टिक में केमिकल छिड़क उसे सूंघते दिखने लगे हैं।स्टेशनरी से लेकर किराना दुकान, साइकिल दुकान और गुमटी चलाने वाले व्यवसाई चंद रुपयों की लालच में किसी को सुलेशन व फेविकोल बेच दे रहे हैं। कम से कम 10 रुपये में नशे का यह साधन उपलब्ध है। दुकानदार सुभाष कुमार व बिमल कुमार की मानें तो यह सुलेशन प्लास्टिक के सामान व टूटे-फूटे पार्ट पूर्जे को जोड़ने के साथ कागज चिपकाने में काम आता है। वाहनों के ट्यूब पंक्चर बनाने में ...
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