नई दिल्ली, जनवरी 14 -- पाकिस्तान में एक बार फिर विभाजन शब्द गूंजने लगा है। 1971 में बांग्लादेश के जन्म के साथ ही पूर्वी पाकिस्तान को खोने के बाद अब वहां की वर्तमान सरकार प्रशासनिक सुधारों के नाम पर देश को नए छोटे प्रांतों में बांटने की तैयारी कर रही है। सरकार का तर्क है कि इससे शासन व्यवस्था बेहतर होगी, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम पाकिस्तान के लिए फायदे से ज्यादा नुकसान पैदा कर सकता है। पाकिस्तान के संघीय संचार मंत्री और इस्तेहकाम-ए-पाकिस्तान पार्टी (IPP) के अध्यक्ष अब्दुल अलीम खान ने हाल ही में पाकिस्तान में छोटे प्रांत बनाने की पैरवी और वादा देश की जनता से किया है।विभाजन का प्लान क्या है? अलीम खान के अनुसार, पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा (KP) में से प्रत्येक को तीन या चार प्रशासनिक इकाइयों में बांटा जाएगा। इस तरह...