बुलंदशहर, जून 5 -- अब टीबी के लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों की दो शिफ्ट में माइक्रोबायोलाजिकल जांच की जाएगी। शासन ने नाॅट मशीनों को दो शिफ्ट में चलाने के साथ रोजाना 16 हजार 800 जांच करने के निर्देश दिए हैं। माइक्रोस्कोपी जांच केवल ऐसे मरीजों की ही होगी, जिनका पहले से उपचार चल रहा है। सरकार टीबी को जड़ से खत्म करने के लिए राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसी क्रम में अब शासन ने निर्देश दिया है कि नाॅट मशीनों का प्रभावी उपयोग करते हुए प्रतिदिन दो पाली में टीबी के लक्षण वाले मरीजों के सैंपल की माइक्रोबायोलाजिकल जांच की जाए। प्रतिदिन एक शिफ्ट में 8 हजार 400 जांच करने के लिए कहा गया है। जिले में एक शिफ्ट में 13 हजार एक जांच की जा रही हैं। शेष करीब 4601 जांच दूसरी शिफ्ट में की जा रही ...