लखीसराय, फरवरी 21 -- कजरा, एक संवाददाता। जिले में टीडीएस को लेकर शिक्षकों और विभाग के बीच विवाद गहराता जा रहा है। नाम नहीं छापे जाने की शर्त पर कई शिक्षकों ने आरोप लगाया है कि जब उनके वेतन से आयकर (टैक्स) की कटौती ही नहीं होती, तो टीडीएस (स्रोत पर कर कटौती) से जुड़े जटिल प्रपत्र भरवाने का कोई औचित्य नहीं बनता। उनका कहना है कि बेवजह विभागीय स्तर पर दबाव बनाकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। शिक्षकों के अनुसार वर्तमान व्यवस्था में केवल नियमित शिक्षकों को ही आयकर रिटर्न दाखिल करना पड़ता है, जबकि नियोजित, विशिष्ट एवं बीपीएससी से चयनित कई शिक्षक आयकर के दायरे में नहीं आते। उनकी आय करयोग्य सीमा से कम है, ऐसे में उनसे टीडीएस से संबंधित फॉर्म भरवाना समय और श्रम की बर्बादी है। शिक्षकों का कहना है कि टीडीएस फॉर्म काफी जटिल होते हैं और इन्हें भरने में...