पटना, जनवरी 9 -- उत्तर भारत में पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर ने आम जनजीवन को बेहाल कर रखा है। इसमें विशेषकर वैसे बच्चे अधिक बीमार पड़ रहे हैं, जिनका किसी कारण से टीकाकरण नहीं हो पाया है। ऐसे बच्चों में सांस की तकलीफ, निमोनिया, अस्थमा और डायरिया की समस्या अधिक दिख रही है। पटना एम्स के शिशु रोग विभाग के ओपीडी में प्रत्येक दिन 200 बच्चे पहुंच रहे हैं। जागरूकता के अभाव में ऐसे बच्चों का टीकाकरण नहीं होने से परेशानी बढ़ गई है। एम्स के शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. चंद्र मोहन कुमार ने बताया कि जिन बच्चों का टीकाकरण नहीं हुआ है उनकी परेशानी ज्यादा बढ़ गई है। ठंड में बच्चों को पांच लेयर में कपड़ा पहनाना चाहिए। अलाव, हिटर आदि से भी बच्चों को दूर रखना चाहिए। ठंड हवा से बच्चों में दमा और सांस की तकलीफ बढ़ रही है। एक साल से छोटे बच्चों में वायरल, ...