हाथरस, दिसम्बर 8 -- सोमवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए एक ज्ञापन सांसद लोक सभा क्षेत्र हाथरस अनूप प्रधान वाल्मीकि के प्रतिनिधि को दिया। ज्ञापपन के जरिए प्रदेश में 29 जुलाई, 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवारत रहने एवं पदोन्नति हेतु टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त कराने का आह्वान किया। भारत सरकार के अधीन 25 अगस्त, 2010 से पूर्व तथा उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन 27 जुलाई, 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को सेवारत रहने अथवा पदोन्नति के लिए टीईटी उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने ज्ञापन के विषय में बताया कि सभी शिक्षकों की नियुक्ति नियमानुसार हुई है। शिक्षको की नियुक्ति या किसी भी कार्मिक की नियुक्ति उसकी शैक्षणिक योग्यता और अहर्ता के आधार पर होती है।वर्षो...