गंगापार, नवम्बर 30 -- टीईटी अनिवार्यता के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय से चिंतित शिक्षकों ने प्रयागराज में सांसद उज्जवल रमण सिंह से मुलाकात कर हस्तक्षेप की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि 2011 से पूर्व कार्यरत कर्मचारियों पर टीईटी लागू करना अनुचित है और इससे लाखों शिक्षकों की सेवा पर संकट मंडरा रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष कामतानाथ के नेतृत्व में शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद उज्जवल रमण सिंह के आवास पर पहुंचकर टीईटी से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। अध्यक्ष कामतानाथ ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश में 2011 से पूर्व कार्यरत शिक्षकों के लिए भी टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया गया है, जबकि केंद्र सरकार व एनसीटीई की अधिसूचना में पूर्व से कार्यरत शिक्षकों के लिए ऐसी कोई बाध्यता नहीं थी। उन्होंने कहा कि ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.