प्रतापगढ़ - कुंडा, फरवरी 17 -- प्रतापगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने विगत दिनों कहा था कि टीईटी की विसंगति पुरानी सरकार की गलत नीतियों का परिणाम है, हालांकि प्रकरण अब सुप्रीम कोर्ट में है फिर भी हम शिक्षकों के प्रति चिंतित है। यह बातें प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमाशंकर शुक्ल ने मंगरौरा के उच्च प्राथमिक विद्यालय मदाफरपुर में आयोजित मीटिंग में कहीं। कहा कि 2017 में आपकी ही सरकार में एनसीटीई ने चुपके से शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) में संशोधन करके सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी को अनिवार्य किया था। तभी उस संशोधन के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने गत 1 सितंबर 2025 को ऐसा निर्णय पारित किया है, जिसमे सभी शिक्षकों को अब टीईटी अनिवार्य कर गई है। पिछली सरकार ने तो 23 अगस्त 2010 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए स्पष्ट रूप से टेट ...