बाराबंकी, सितम्बर 7 -- बाराबंकी। 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा संरक्षित करने के लिए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने रविवार को सांसद तनुज पुनिया को ज्ञापन सौंपा। कहा कि शिक्षक के भविष्य को लेकर यह अनिवार्यता हटना बेहद जरूरी है। सांसद ने शिक्षकों की मांगों को सदन में उठाने का आश्वासन दिया है। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि आरटीई नियमावली में 23 अगस्त 2010 के बाद की नियुक्तियों के लिए टीईटी अनिवार्य किया गया था। न्यायालय ने अपने निर्णय में निर्धारित समयावधि से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की सेवा के लिए 02 वर्ष के भीतर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया है। एनसीटीई द्वारा टीईटी को पात्रता परीक्षा का दर्जा दिया गया था। माननीय सर्...
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