गाज़ियाबाद, सितम्बर 10 -- गाजियाबाद। सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करने के विरोध में बुधवार को शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन देकर सेवारत शिक्षकों के लिए परीक्षा की अनिवार्यता खत्म करने की मांग की। शिक्षकों की मांग है कि आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त रखा जाए। एक सितंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मुताबिक नौकरी में बने रहने के लिए कक्षा एक से 8वीं तक के सभी शिक्षकों को दो साल में टीईटी परीक्षा पास करनी होगी। वहीं, जिन शिक्षकों के रिटायरमेंट में केवल पांच साल शेष हैं उन्हें इससे रियायत दी गई है, लेकिन पदोन्नति के लिए उन्हें भी यह परीक्षा देनी होगी। इससे शिक्षकों पर नौकरी जाने का संकट गहरा गया...