जमशेदपुर, जनवरी 3 -- टाटानगर-बक्सर एक्सप्रेस के डी-3 कोच की खिड़की का शीशा कई दिनों से टूटा हुआ है। लेकिन रेलवे ने नया शीशा लगाने के बजाय खिड़की में कार्टून लगा दिया है। इससे ठंड में डी-3 में 616 किलोमीटर की यात्रा करने वालों को परेशानी हो रही है। कोच में शीशा नहीं होने से ठंडी हवा कोच में सीधे आती है। यात्रियों के अनुसार, जनरल कोच से ज्यादा किराया राशि वसूलने के बावजूद रेलवे सुरक्षा और सुविधा की अनदेखी करता है। टाटानगर से पटना जाने के दौरान बक्सर एक्सप्रेस के एक यात्री ने डी-3 कोच की फोटो भेजकर रेलवे की व्यवस्था पर सवाल उठाया है। जानकार बताते हैं कि बक्सर से लौटने पर टाटानगर में ट्रेन के कोच की धुलाई और मरम्मत की जाती है, लेकिन डी-3 कोच की स्थिति पर रेल कर्मचारी या अधिकारी का ध्यान नहीं गया। इसी तरह टाटानगर कटिहार एक्सप्रेस की एक एसी कोच...
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