नई दिल्ली, अप्रैल 24 -- जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम की वादियों में खून बहा तो पूरा देश सन्न रह गया। पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा अंजाम दिए गए इस नरसंहार में 28 निर्दोष नागरिकों की जान गई। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब देते हुए सिंधु जल समझौते पर रोक लगा दी है। भारत ने केवल जल संधि ही नहीं रोकी, बल्कि अटारी-वाघा बॉर्डर पर आम नागरिकों की आवाजाही भी ठप कर दी है। अपने स्टाफ को वापस बुला लिया है और पाक उच्चायोग से भी सैन्य सलाहकारों को चलता कर दिया गया है। ये सब दर्शाता है कि अब भारत की कूटनीति नरम नहीं बल्कि बेहद कड़ी हो चुकी है। वहीं पूर्व सैन्य अधिकारियों का बड़ा वर्ग सर्जिकल स्ट्राइक के बजाय सीधी कार्रवाई का पक्षधर है। उनका कहना है कि आतंकवाद की असली जड़ रावलपिंडी में बैठी पाकिस्तानी सेना है। जब तक उन्हें खत्म नहीं...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.