कोडरमा, अक्टूबर 1 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता। शारदीय दुर्गापूजा गुमो में श्रद्धा, भक्ति और आस्था का एक विशेष केंद्र है। यहाँ दुर्गा पूजा की प्राचीनतम परंपरा लगभग 400 वर्षों से चली आ रही है। समिति के सदस्यों उमाकांत पांडेय, मुरली मनोहर पांडेय, नवकुमार पांडेय और राजन पांडेय के अनुसार, यह पूजा राजा के समय से आयोजित होती रही है। बताया गया कि रतन साईं और मर्दन साईं दो भाई थे, जिनके नेतृत्व में यह पूजा गढ़ पर होती थी। अंग्रेजों के दबाव बढ़ने पर दोनों भाइयों ने अपनी जिम्मेदारी कुल पुरोहितों (सतघरवा) को सौंपी। तब से यह पूजा निर्बाध रूप से आयोजित होती आ रही है। समय-समय पर सतघरवा परिवार के नेतृत्व में मंदिर का कायाकल्प होता रहा है, और फिलहाल यह एक बड़ा एवं भव्य मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। पूरे गांव के अलावा झुमरी तिलैया और गांधी स्कूल रोड समेत अन्य...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.