नई दिल्ली, फरवरी 27 -- स्कूलों में होमवर्क को सवाल करने पर बच्चों से अप्रत्याशित जवाब सुनने को मिल रहे हैं। होमवर्क नहीं करने पर कक्षाओं में शिक्षक डांटते हैं तो बच्चे 'झुकेगा नहीं...और नाम सुनकर... समझा है क्या' जैसे डायलॉग्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। बच्चे कक्षाओं और स्कूल परिसर में दोस्तों से बातचीत के दौरान भी सिनेमाई अंदाज और गाली-गलौज तक का उपयोग करने लगे हैं। यह चिंताजनक स्थिति सीबीएसई और शिक्षा विभाग की हेल्पलाइन पर आ रही शिकायतों से सामने आई है। बच्चों की बदलती प्रवृत्ति से शिक्षक तो परेशान हैं ही, अभिभावक भी चिंतित हैं।अधिक स्क्रीन टाइम से हो रहा है नकारात्मक असर सीबीएसई के काउंसलर डॉ प्रमोद कुमार ने बताया कि फिल्मी डायलॉग्स के लहजे में बात करने और उनके किरदारों में जीने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। काउंसलिंग के दौरान इसकी शिकायतें मि...
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