बिजनौर, जून 21 -- जंगलों में बंदरों को पर्याप्त भोजन नहीं मिल रहा है। यहीं कारण है कि बंदर आबादी का रुख कर रहे हैं। अब बंदरों को जंगलों में रोकने के लिए नई पहल शुरू हो रही है। जिले में झीलों के चारों तरफ फलदार पौधे लगाए जाएंगे। 55 झील चिन्हित कर ली गई है। जिले में बंदरों की समस्या विकराल रूप धारण कर रही है। बंदरों के हमले से कई लोग मकान की छतों से गिरकर घायल हो चुके हैं। समस्या कम होने की जगह बढ़ती जा रही है। जंगलों को बंदरों का घर माना जाता था। जंगलों में बंदरों को पर्याप्त भोजन मिलता था और वह जंगलों में ही रहते थे लेकिन अब जंगलों में पर्याप्त भोजन न मिलने के कारण बंदर शहरों का रुख कर रहे हैं। हालात यह है कि कई कालोनियों में तो बंदरों ने आतंक मचा रखा है। लेकिन अब अफसरों द्वारा बंदरों को जंगलों में रोकने को नई पहल शुरू की जा रही है। जिले म...
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