बरेली, फरवरी 9 -- मानसिक बीमारियों में मिर्गी आम है, जिसका समय पर इलाज हो तो मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकता है। हर साल विश्व मिर्गी दिवस फरवरी के दूसरे सोमवार को मनाया जाता है। मिर्गी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों और अंधविश्वास के खिलाफ चलाए गए जागरूकता अभियानों का सकारात्मक असर दिखने देने लगा है। जिले में अब मिर्गी से पीड़ित करीब 50 प्रतिशत बच्चे सीधे अस्पताल पहुंचकर इलाज करा रहे हैं, जबकि कुछ साल पहले तक अधिकांश मरीज तंत्र-मंत्र और झाड़फूंक के चक्कर में पड़े रहते थे। चार साल पहले तक मिर्गी के करीब 90 प्रतिशत मरीज इलाज से पहले झाड़फूंक में समय और पैसा बर्बाद कर रहे थे। सही समय पर उपचार न मिलने के कारण बच्चों की स्थिति और बिगड़ जाती थी। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मिर्गी को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया। बीते चार वर्षों से स्वास्...