रांची, जुलाई 30 -- झारखंड उच्च न्यायालय ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान बुधवार को शहरी विकास और जल संसाधन विभागों के सचिवों को तलब किया और 31 जुलाई को उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने रांची के उपायुक्त और रांची नगर निगम प्रशासक को भी 31 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। अदालत ने यह आदेश जल संसाधन संरक्षण पर दायर एक जनहित याचिका पर हुई सुनवाई के बाद दिया। दोनों जजों की खंडपीठ राज्य में जल संसाधनों के संरक्षण और जल निकायों से अतिक्रमण हटाने से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इससे पहले, उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को जल निकायों और उसके आसपास अतिक्रमण हटाने के लिए एक टास्क फोर्स गठित करने का आदेश दिया था। बुधवार को सुनवाई...
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