नई दिल्ली, दिसम्बर 30 -- लगातार उपलब्धियों के बाद झारखंड में कृषि क्षेत्र अब एक नए मोड़ पर खड़ा है। वर्ष 2025 तक के युवा सफर में खेती, पशुपालन, मत्स्य और सहकारिता के क्षेत्र में जो मजबूत आधार तैयार हुआ है, उसी पर आगे बढ़कर वर्ष 2026 को कृषि नवाचार और किसान समृद्धि का वर्ष बनाने की तैयारी है। सरकार, कृषि विभाग और किसान- तीनों की साझा भागीदारी से 2026 में झारखंड को कृषि में नई दिशा मिलने की उम्मीद है। बढ़ा हुआ 4000 करोड़ का कृषि बजट, डिजिटल प्लेटफॉर्म, सिंचाई विस्तार, पशुधन विकास योजनाएं और सहकारिता के सशक्त ढांचे ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाला वर्ष केवल उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि किसानों की आय, बाजार तक पहुंच और जोखिम प्रबंधन और मूल्य संवर्धन पर केंद्रित होगा। आंकड़े साफ संकेत दे रहे हैं कि झारखंड में कृषि क्षेत्र अब केव...