रांची, नवम्बर 29 -- रांची, वरीय संवाददाता। झारखंड के संसाधन का बाहर नहीं, राज्य में ही उपयोग हो। यह बातें पूर्व केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने कही। वे शनिवार को चेंबर ऑफ कॉमर्स कार्यालय में हुई प्रेसवार्ता में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत की परिकल्पना तभी पूरी हो सकती है, जब राज्य का विकास हो। उस राज्य के जिले का विकास हो। झारखंड प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है। लेकिन फिर भी यह पिछड़ा राज्य है। राज्य के विकास को गति तभी मिलेगी, जब झारखंड के प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग राज्य में हो। उन्होंने कहा कि यहां कोयला की भरमार है। इस कोयला का बेहतर उपयोग हो, इसके लिए यहां मिथेन प्लांट लगे, स्टील प्लांट खुले। साथ ही हाईड्रोलिक प्रोजेक्ट बने, ताकि यहां बिजली का उत्पादन होने से झारखंड वासियों को सस्ती दर पर बिजली मिल पाएगी। इसके ...