देवघर, अगस्त 5 -- देवघर। दिशोम गुरु शिबू सोरेन का निधन झारखंड की ऐसी क्षति है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता है। उक्त बातें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक वर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि गुरुजी ने आदिवासी की अस्मिता को बचाने के लिए महाजनी प्रथा को समूल नष्ट किया। जिसके लिए उन्हें करावास से लेकर कई तरह की यातनाएं भुगतनी पड़ी। कई रात जंगलों में बिताया, फल, मूल, पत्ते खाकर समय काटा। मोटरसाइकिल सहित नदी में कूद जाना, पुलिस की बड़ी घेराबंदी को तोड़ते हुए आंदोलन को जीवंत रखने की अनेक घटनाएं गुरुजी के जीवन से जुड़ी हुई है। उन्होंने दिशोम गुरु को एक महान आत्मा बताते हुए कहा कि वे गरीबों, वंचितो,आदिवासियों,अल्पसंख्यकों के रक्षक थे। गुरुजी झारखंड के कन-कन में बसे हुए हैं। पूरा झारखंड आज उन्हें आदर के साथ शत-शत नमन करता है।
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