मधुबनी, जनवरी 5 -- लौकही। मधुबनी जिला के लौकही प्रखंड मुख्यालय से महज दो किलोमीटर की दूरी पर अवस्थित झहुरी स्थान को अब तक पर्यटक स्थल का दर्जा नहीं मिल सका। इस परिसर का विशाल तालाब, तालाब किनारे का वर्षो पुराना ऐतिहासिक खिरिया पुरिया का पेड़ और यहां स्थापित बाबा हरसिंह देव का गहबर आज भी यहां के समृद्ध अतीत की याद को ताजा कर देती है। बतादें कि यह स्थान दोनवार क्षत्री वंश से जुड़ा हुआ है। यह राजा ह्दय सिंह व मोती सिंह का कर्म स्थली माना जाता है। वर्षो से यहां हर वर्ष सतुआ संक्राति के दिन आस पड़ोस के जिला के अलावे पड़ोसी राष्ट्र नेपाल के लाखों श्रद्धालु यहां के पवित्र तालाब में डुबकी लेकर बाबा हरसिंह देव की गहबर में पूजा अर्चना करते है। आम धारणा है कि इस तालाब में स्नान व पूजा करने से हर प्रकार की मनौतियां पूरी होती है। दंत कथा है कि पूर्व म...