धनबाद, जनवरी 29 -- झरिया, वरीय संवाददाता। झरिया का सामाजिक संगठन इंस्टीट्यूशन फॉर नेशनल एमिटी ने देश, धर्म और राजधर्म विषय पर बुधवार को सेमिनार किया। मुख्य अतिथि के तौर पर केदारनाथ मंदिर, उत्तराखंड के पुजारी सुरेश बगवारी ने कहा कि धर्म जीने का तरीका है, हमारे देश में कई धर्म हैं। सभी धर्म शांति के लिए बने हैं। नेशनल एमिटी के संस्थापक, शिक्षक और सोशल एक्टिविस्ट पिनाकी रॉय ने देश के बारे में कहा कि निर्धारित भौगौलिक सीमा वाली जमीन के एक टुकड़े को देश या राष्ट्र कहते हैं। लेकिन यह सीमा समय और जमाने के साथ बदलती रहती है। किड्स गार्डेन स्कूल के सीनियर साइंस टीचर रनोज दत्ता ने राजधर्म पर कहा कि राजधर्म बिना किसी भेदभाव के बराबरी का व्यवहार है। पत्रकार राजीव शुक्ला ने भी संबोधित किया। सेमिनार का समापन राष्ट्रगीत के साथ हुआ। वक्ताओं में सुरेश बाग...