मधुबनी, जनवरी 2 -- मधुबनी । मिथिलांचल के हृदय स्थल और दरभंगा-सहरसा रेलखंड के सामरिक रूप से महत्वपूर्ण झंझारपुर रेलवे जंक्शन पर आधुनिकता के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। एक ओर भारतीय रेल खुद को विश्वस्तरीय बनाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर झंझारपुर स्टेशन पर बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव यात्रियों की परेशानी का कारण बना हुआ है। स्टेशन की सबसे गंभीर समस्या फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) का न होना है, जिसके चलते प्रतिदिन हजारों यात्री अपनी जान जोखिम में डालकर एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए रेलवे पटरियां पार करने को मजबूर हैं। रेल नियमों के अनुसार पटरियां पार करना दंडनीय अपराध है, लेकिन ट्रेन पकड़ने की मजबूरी में यात्री हर दिन कानून और सुरक्षा, दोनों से समझौता कर रहे हैं। प्लेटफार्म बदलने की जद्दोजहद, मौत को मात ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.