मधुबनी, जनवरी 30 -- झंझारपुर,निज प्रतिनिधि। सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से झंझारपुर न्यायालय परिसर की व्यवस्था पर गंभीर सवाल हैं। चारों ओर खुले रास्तों से घिरे कोर्ट कैंपस में न तो बाउंड्री वॉल है और न ही प्रवेश पर प्रभावी रोक-टोक की व्यवस्था। पूरा परिसर आम लोगों के लिए खुला रहता है, जहां बेवजह घूमने वालों की भी किसी प्रकार की जांच-पड़ताल नहीं होती। कोर्ट के दोनों भवनों में प्रवेश के लिए दो स्थानों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं, लेकिन वहां हमेशा स्कैनर कर्मियों की तैनाती नहीं रहती। बताया गया कि कोर्ट कैंपस में मात्र दो ही स्कैनर कर्मी उपलब्ध हैं, जिनका सुबह से शाम तक लगातार ड्यूटी पर रहना संभव नहीं हो पाता। सुरक्षा बलों की संख्या भी जरूरत के मुकाबले बेहद कम बताई जा रही है। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष परशुराम मिश्र ने कहा कि न्यायालय परिसर भौगोलिक दृ...