गिरडीह, जनवरी 1 -- गिरिडीह, प्रतिनिधि। शहर के श्याम मंदिर परिसर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन गुरुवार को कथावाचक राधेश गौतम ने कहा कि बहुत ज्यादा प्रसन्नता भी कई बार व्यक्ति के लिए हानिकारक हो जाता है। मनुष्य कई बार ज्यादा खुशी सहन नहीं कर पाता है और उसे अटैक आ जाता है। आनंद को भी हर कोई नहीं पचा सकता है। आनंद को भी वही पचा पाता है, जिनका दिल बड़ा होता है। उन्होंने कहा कि आनंद सुख की चरम सीमा है। जयपुर के कथावाचक राधेश गौतम को सुनने के लिए पांचवें दिन गुरूवार को भी श्याम मंदिर परिसर में काफी संख्या में श्रद्धालु भक्त पहुंचे हुए थे। संगीतमयी कथा सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर नजर आ रहे थे। कथावाचक राधेश गौतम ने कहा कि भगवान की पूजा करनेवाला ही भक्त नहीं होता है। प्रेम की परम अवस्था को भी भक्ति करते है। भक्ति के लिए नियम का भी ...